09 October 2026

अच्छी नींद के लिए अपनाएं योग निंद्रा

Posted By NS  16 Jan 26 04:03 PM22138

अच्छी नींद के लिए अपनाएं योग निंद्रा

आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में सबसे ज़्यादा प्रभावित अगर कोई चीज़ हुई है, तो वह हैं नींद।  देर रात तक मोबाइल देखना, काम का दबाव, मानसिक तनाव, चिंता, भविष्य की फिक्र और असंतुलित दिनचर्या । ये सभी कारण हमारी नींद को धीरे-धीरे खराब कर रहे हैं। कई लोग घंटों बिस्तर पर लेटे रहते हैं, लेकिन नींद नहीं आती। कुछ लोग सो तो जाते हैं, लेकिन बार-बार नींद खुल जाती है। और कुछ ऐसे भी हैं जो सुबह उठते हैं, लेकिन फिर भी थकान महसूस करते हैं। ऐसी स्थिति में योग विज्ञान हमें एक अत्यंत सरल और प्रभावशाली उपाय देता है। और वो हैं योग निंद्रा। योग निंद्रा न तो साधारण नींद है और न ही कठिन ध्यान। यह एक ऐसी योगिक विधि है, जो शरीर को विश्राम और मन को शांति देती है। नियमित अभ्यास से गहरी नींद आने लगती है और मानसिक थकान दूर होती है।

क्या है योग निंद्रा?

योग में योग निंद्रा का अर्थ क्या हैं, इसे योग की अवस्था में नींद कहा गया हैं। यह एक ऐसी अवस्था होती है जिसमें शरीर पूरी तरह से आराम की स्थिति में होता है,जिसके बाद मन जागरूक होता है,और चेतना शरीर की भीतर की ओर यात्रा करती है,इसे “सचेतन निद्रा” भी कहा जाता है। योग निंद्रा में व्यक्ति सोया हुआ दिखाई देता है, लेकिन उसका मन पूरी तरह सजग रहता है। यही कारण है कि योग निंद्रा के 30 मिनट का अभ्यास, कई बार 3-4 घंटे की गहरी नींद के बराबर माना जाता है।

अच्छी नींद क्यों ज़रूरी है?

अच्छी नींद केवल आराम के लिए नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक है। जिससे हमारे शरीर की मरम्मत होती है,,मस्तिष्क को विश्राम मिलता हैं,याददाश्त तेज़ होती है, वहीं हार्मोन संतुलित रहते हैं, और तनाव और चिंता कम होती है, साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। वहीं अगर नींद पूरी नहीं होने पर हमारे शरीर में विभिन्न प्रकार की विकृतियां उत्पन्न होने लगती हैं। जैसे-चिड़चिड़ापन,थकान,सिरदर्द,मोटापा,मधुमेह ,अवसाद,हृदय रोग

योग निंद्रा के लाभ

योग निंद्रा अनिद्रा की समस्या को धीरे-धीरे दूर करती है।.और इसके अभ्यास से  गहरी और सुकून भरी नींद आती हैं जिससे साधक दिनभर की मानसिक थकान समाप्त होती है। मानव के जीवन में तनाव और चिंता में कमी देखी गई हैं। हमारे मन को सकारात्मकता को बढाने में सहायक होती हैं। ब्लड प्रेशर को नियंत्रित हो जाता हैं जिससे शरीर को गहरी शांति मिलती हैं। महिलाओं और पुरुषों दोनों के हार्मोन को संतुलन रखती हैं।विधार्थियों के लिए शिक्षा में विशेष महत्व रखती हैं। इस साधना से स्टूडेंट में एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ती हैं। योग निंद्रा हमारे अंदर के नकारत्मक भाव को धीरे-धीरे कम करती हैं, और आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच से मनुष्य को अनोखी खुशी की अनुभूति होती हैं

योग निंद्रा और विज्ञान  

चलिए योग निंद्रा को सांइस की भाषा में आपको समझाते हैं। कि योग निंद्रा हमारे मस्तिष्क की तरंगों पर कैसे काम करती है। जब हमारा शरीर जागने की अवस्था में होता हैं तब बीटा तरंग एक्टिव होती हैं। लेकिन जैसे ही हम निंद्रा का ध्यान करते हैं तब अल्फा तरंग हमारे शरीर को  हल्का विश्राम कराती हैं वहीं थीटा तरंगे गहरा विश्राम में ले जाती हैं। योग निंद्रा में व्यक्ति अल्फा और थीटा अवस्था में जाता है, जहाँ मन अत्यंत शांत होता है,तनाव स्वतः निकलने लगता है, अवचेतन मन शुद्ध होने लगता है

योग निंद्रा कैसे और कब करें

योग निंद्रा से पहले हमें शांत और साफ स्थान चुनना चाहिए। मोबाइल साइलेंट करें,हल्के कपड़े पहनें, ज़मीन पर दरी या योग मैट बिछाएं,अगर आप सर्दियों में योग निंद्रा कर रहे हैं तो शरीर को ढ़कने के लिए कंबल होना चाहिए। योग निंद्रा का अभ्यास में सबसे पहले-पीठ के बल शवासन में लेट जाएं,अपने हाथों को शरीर से थोड़ा दूर हथेलियाँ को ऊपर की ओर रखें। पैरों में थोड़ा अंतर करें। और धीरे-धीरे को पूरी तरह ढीला छोडकर शरीर को स्थिर करें। दें। अब मन में संकल्प लें, कि मैं शांत हूँ, मेरी नींद गहरी हो रही हैं,मेरा मन पूर्ण विश्राम में हैं। अब अपने शवास पर ध्यान दें और आने-जाने वाली सांस को सहज तरीके से करें,किसी भी तरह का ज़ोर नहीं डालना हैं।धीरे-धीरे ध्यान क्रम को शरीर के हर भाग पर ले जाएँ,सबसे पहले अपने दाये पैर पर ध्यान ले जाएं,फिर दाएं पैर से बाये पैर पर, अब पैरो से पेट पर फिर छाती के बाद दोनों हाथों पर एक-एक करके फोकस करें। चेहरे पर ध्यान को केंद्रित करें। ध्यान अवस्था में आपके दिमाग में विचार आयेंगे,लेकिन उन्हें रोकें नहीं,बस देखें और जाने दें। अब स्वयं को पूर्ण शांति में अनुभव करें। अंत में उंगलियाँ हिलाएँ, आँखें खोलें।

योग निंद्रा के शुरुआती अभ्यास को करीब 15–20 मिनट करना चाहिए। धीरे-धीरे नियमित अभ्यास से इसकी अवधि को बढाकर 30 से 45 मिनट तक कर सकते हैं।  रोज़ाना अभ्यास से 7–10 दिनों में नींद में सुधार दिखने लगता है। योग निंद्रा मस्तिष्क को “रीसेट” करने का काम करती है। 

योग निंद्रा हमें कब नहीं करना

.भोजन के तुरंत बाद न करें

.नींद पूरी तरह न आने दें (शुरुआत में)

.आरामदायक वातावरण रखें


नियमित अभ्यास करें

अच्छी नींद कोई विलासिता नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन की आवश्यकता है।

योग निंद्रा एक ऐसा सरल, सुरक्षित और प्रभावी योगिक उपाय है, जिसे कोई भी व्यक्ति आसानी से अपना सकता है।यदि आप,तनाव से परेशान हैं,नींद नहीं आती,और मन अशांत रहता है।तो योग निंद्रा को अपने जीवन का हिस्सा ज़रूर बनाएं।कुछ ही दिनों में आप स्वयं बदलाव महसूस करेंगें-शांत मन, गहरी नींद और ऊर्जा से भरा जीवन।

डिस्क्लेमर-

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है।

योग निंद्रा कोई चिकित्सकीय उपचार नहीं है।

यदि आप किसी गंभीर मानसिक या शारीरिक समस्या से ग्रसित हैं, तो पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

By:- Neeti Singh

Tags: yognidra
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